गुरुग्राम। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री Rao Narbir Singh ने मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत राज्य बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह हरियाणा को औद्योगिक क्रांति का अग्रदूत बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आय-व्यय का विवरण नहीं, बल्कि प्रदेश को औद्योगिक रूप से सशक्त बनाने का दूरदर्शी खाका है, जो Narendra Modi के विकसित भारत के विजन को मजबूती देगा।
राव नरबीर सिंह ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का समग्र विकास केवल कृषि के आधार पर संभव नहीं है। अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास ही राष्ट्र को विकसित देशों की श्रेणी में स्थापित करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि कृषि प्रधान हरियाणा वर्ष 2047 तक औद्योगिक विकास में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।
मंत्री ने बताया कि उद्योग विभाग के बजट में 46.93 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 1950.92 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। 10 नए आईएमटी स्थापित करने की दिशा में अंबाला और नारायणगढ़ में भूमि खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जबकि तोशाम, जींद, रेवाड़ी और राई में ई-भूमि के माध्यम से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।
उन्होंने “लैंड ऑन लीज” नीति को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ऊंची जमीन कीमतों के बीच उद्योगपतियों को बड़ी राहत मिलेगी। 45 दिनों में डिजिटल लैंड फीजिबिलिटी सर्टिफिकेट जारी करने की व्यवस्था से पारदर्शिता और त्वरित स्वीकृति सुनिश्चित होगी।
गुरुग्राम, फरीदाबाद, मानेसर और रेवाड़ी में औद्योगिक सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से निवेश को बढ़ावा मिलेगा। मंत्री ने कहा कि आगामी “इन्वेस्ट हरियाणा समिट” के बाद प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों की संख्या में और वृद्धि होने की उम्मीद है।
