
इस वक्त दुनियाभर में चर्चा सिर्फ अमेरिका की हो रही है. उसने वेनेजुएला पर हमला करके वहां के राष्ट्रपति मादुरो को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद अब ट्रंप की नजर ईरान में चल रहे विद्रोह पर है, जहां जनता सड़कों पर उतरी हुई है. खाड़ी में हालात अस्थिर दिख रहे हैं, इसी बीच भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर पहुंच गए हैं. उनके दो दिन के दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के रक्षा सहयोग को बढ़ाना है लेकिन क्या मकसद इतना ही है?
अगर इसके पीछे की पृष्ठभूमि और मौजूदा हालात को देखें, तो मामला कुछ अलग नजर आता है. इसमें वर्तमान क्षेत्रीय भू राजनीति, हथियार सौदे और पाकिस्तान के साथ यूएई के रिश्तों की भी भूमिका है. यूएई भारतीय हथियारों में गहरी रुचि दिखा रहा है, जो भारत के लिए भी अच्छा अवसर है. दिसंबर, 2025 में यूएई के कमांडरों की भारत यात्रा और डेजर्ट साइक्लोन-II जॉइंट एक्सरसाइज के बाद यह स्वाभाविक अगला कदम है, जहां दोनों देशों ने शहरी युद्ध और काउंटर टेररिज्म पर फोकस किया था.
