गुरुग्राम, 21 जनवरी।
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाकर आमजन को सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह बात अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) सोनू भट्ट ने लघु सचिवालय में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति (डीआरएससी) एवं सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। बैठक में जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट के लक्ष्य को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।
एडीसी ने कहा कि सर्दी और कोहरे के मौसम में दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए सभी रोड ओनिंग एजेंसियां सड़क सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता दें। उन्होंने सड़क किनारों की मरम्मत, पेड़ों की छंटाई, थर्मोप्लास्टिक पेंट से लेन मार्किंग, कैट-आई व रिफ्लेक्टिव स्टड लगाने, स्ट्रीट लाइट्स को दुरुस्त रखने और अंधेरे क्षेत्रों में नई लाइट्स लगाने के निर्देश दिए। साथ ही रात के समय हादसे रोकने के लिए बेसहारा पशुओं पर रिफ्लेक्टिव बेल्ट लगाने को कहा गया।
बैठक में एसडीएम एवं आरटीए सचिव परमजीत चहल ने बताया कि जेल चौक, पंचगांव चौक, ब्रिस्टल चौक और 4-7-9 चौक जैसे संवेदनशील स्थानों पर रोड जियोमेट्री सुधार, सुरक्षित पैदल क्रॉसिंग, फेंसिंग, बोलार्ड्स और हाई मास्ट लाइट्स लगाने के निर्देश दिए गए हैं। पंचगांव चौक पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष योजना पर काम चल रहा है।
‘सुरक्षित स्कूल वाहन नीति’ के तहत स्कूल बसों में सीसीटीवी, जीपीएस, फर्स्ट एड किट, इमरजेंसी डोर और आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य किए गए हैं। जनवरी 2026 तक नियमों का उल्लंघन करने वाले 9 स्कूलों के चालान किए गए। इसके अलावा ओवरलोड वाहनों पर सख़्त कार्रवाई जारी है। नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच सैकड़ों चालान कर करोड़ों रुपये का जुर्माना लगाया गया।
बैठक में हिट एंड रन मामलों में मुआवजा प्रक्रिया तेज करने, ट्रॉमा केयर नेटवर्क को मजबूत करने और सभी विभागों के आपसी समन्वय से सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।
